Friday, August 25, 2017

श्री असकरन दास जोगी के दोहा

श्री असकरन दास जोगी के दोहा

*सतगुरु सुमरन*

सतगुरु सुमरवँ देख लौ,चरन मनावँवँ तोर !
सबल होय संत तुँहरे,लाज बचावव मोर !!1

सतगुरु सुमरवँ रोज जी,बढ़िया मिलगे भाग !
दया मया ला राखबे,लागै झन जी दाग !!2

छाँया माया रंग दे,सार नाम के रंग !
साँसा हंसा अंग ले,करले अपने संग !!3

तुँहर ज्ञान भाये बड़ा,शुध्द खरा मन सोन !
पुछत रहै काया कला,पाय भला जी कोन !! 4

आखर आखर लान दे, तोला सउँपन बुध्दि !
सब्बे कचरा देख लौ, करदव मन के शुध्दि !!5

करबो मैहनत पोठ जी, जिनगी साहित ढ़ाल !
सतगुरु आसिस पाय के,ठोंकन जमके ताल !!6

नीत प्रीत ला देख के,भाव भजन ला डार !
छाही जिनगी सादगी,लागै सतगुरु भार !!7


*मोर परिचय*

जानवँ परिचय मोर जी,नाव असकरन दास !
गाँव डोंड़की हे पता,लगथवँ सबला खास !!1

बेलासपुर जिला बने,थाना बेल्हा मोर !
बेल्हा पोस्ट घलो हवै,भेजव मितवा सोर !! 2

शीतल बाबू मोर हे, मात दुलेसर ताय !
भारी दुख ला भोग के,मोला जग मा लाय !! 3

जनम सफल हो जाय रे,मिलगे इँकरे छाँव !
गोड़ तरी मा माथ हे,बढ़िया आसिस पाँव !!4

छै भाई के जोड़ हे, बहिनी एक सजोर !
भौजी दू झन आय हे,अँगना महकै मोर !!5

भतिजी एक हवै सगा,भतिजा तीन हमार !
कुलकत मटकत देख लौ,गाँव गली म सुमार !!6

चहकन चमकन रोज जी,पावन सुख के रंग !
जिनगी सुघ्घर के सजै,बने रहन सब संग !! 7

*भारत माता*

भारत माता रोत हे, हाल बड़ा हे तंग !!
आँसो परत अँकाल रे,कइसे लड़हव जंग !!1

सुक्खा माते देख ले,दर्रा मारे खेत !
पानी-पानी माँग हे,सत्य नाम ला लेत !!2

होवत नइहे धान हा,आस लगाय किसान !
बादर होगे दोकहा,खोलव आँख सियान !! 3

चीन-पाक ललकार के,देवत ताना रोज !
सेना तो तैयार हे, देथे उत्तर सोज !!4

राजनीति के चाल मा,देश मरत हे रोज !
मनखे-मनखे भेद हे,समता खोजा  खोज !!5

नारी लाज लतेड़ के,पापी किंजरत देख !
न्याय बिना सब नास हे,रोत भाग के लेख !!6

राष्ट्र गाय के नाव मा, मार-काट हे होत !
सोसित जनता माथ मा,बोझा दुख के ढ़ोत !!7

भारत माता हा कहै,आही सुख कब लाल !
लावव समता खोज के,टोरव दुख के जाल !!8

*पीपर*

पीपर जुन्ना पेंड़ हे, पाहव सुख के छाँव !
मया दया ला बाँध के,आहव मोरे गाँव !!1

पीपर पिकरी स्वाद ला,जानै हमर मितान !
गाँठ बाँध के लाय गा,माँगै रोज सियान !!2

पीपर पाना देख रे,कहे हवच अनमोल !
नइहे मोल पिरीत के,बाजे हिरदे ढ़ोल !!3

पीपर बइठे बेंदरा,करथे हुँप-हुँप देख !
कुदही छानी दौड़ के,छानी अपन सरेख !!4

देथे पुरवा शुध्द गा,पीपर पावन पेंड़ !
बइठे एकर छाँव मा,बँसरी धुन ला छेंड़ !!5

असकरन दास जोगी
ग्राम - डोंडकी, पोस्ट - बिल्हा , जिला - बिलासपुर 
छत्तीसगढ़

29 comments:

  1. बड़ सुग्घर दोहालरी जोगी जी।

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  2. Replies
    1. आपके किरपा अइसने बने रहै गुरुदेव.... बहुँत बहुँत धन्यवाद..

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    2. आपके किरपा अइसने बने रहै गुरुदेव.... बहुँत बहुँत धन्यवाद..

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  3. सुग्घर दोहावली भइया वाह्ह्ह्ह्ह्

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  4. बहुत सुग्घर दोहा सर।सादर बधाई

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  5. बहुत सुग्घर दोहा सर।सादर बधाई

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    1. बहुँत धन्यवाद भाई जी

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  6. बढ़िया भाव भरे दोहावली बर हार्दिक बधाई।

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  7. बहुत सुग्घर दोहावली हे।असकरन भैया। बधाई।

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  8. बहुँत सुग्घर अतनु जी।बधाई हो।

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  9. सुग्घर अतनु जी शुभकामना आप मन ला ।

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  10. बहुत सुघ्घर दोहावली भाई

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  11. बहुत सुघ्घर दोहावली भाई

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  12. बढ़िया दोहा भैया जी

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  13. पीपर जुन्ना पेड़ हे.......सुघ्घर दोहा असकरन भाई

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  14. पीपर जुन्ना पेड़ हे.......सुघ्घर दोहा असकरन भाई

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