Thursday, October 26, 2017

बरवै छंद(12-7मात्रा) - श्रीमती वसंती वर्मा


बरवै छंद(12-7मात्रा) - श्रीमती वसंती वर्मा


🌷🌷पुन्नी के चंदा🌷🌷🌷

पुन्नी के चंदा हर,बरय अँजोर ।
नाचत देखय ओला,आज चकोर।।

सोला करे सिंगार ,चंदा आय ।
जेहर देखय ओला,मन ला भाय।।

अमरित लेके चंदा,बरसे आय ।
छानी परवा दाई,खीर मढ़ाय ।।

धान ओरमे बाली,अमरित पाय ।
पुन्नी शरद म सुघ्घर, रात नहाय ।।

भुइयाँ महतारी के ,पाँव पखार ।
आगे बेटी लछमी,घरे हमार  ।।

रचनाकार - श्रीमती वसंती वर्मा
बिलासपुर, छत्तीसगढ़

13 comments:

  1. बहुत सुग्घर रचना दीदी।सादर बधाई

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  2. बहुत सुग्घर रचना दीदी।सादर बधाई

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  3. वाह्ह्ह्ह्ह् दीदी सुग्घर रचना

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  4. लाजवाब बरवै छंद ,दीदी।बधाई अउ शुभकामना हे

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  5. लाजवाब बरवै छंद बर बधाई।

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  6. लाजवाब बरवै छंद बर बधाई।

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  7. बरय अँजोर नहीं रे - " करय अँजोर ।"

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  8. बरय अँजोर नहीं रे - " करय अँजोर ।"

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  9. बहुत बढ़िया दीदी

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  10. सुग्घर रचना दीदी।बधाई

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  11. बहुते सुघ्घर सृजन हे दीदी

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