Friday, November 10, 2017

दोहा छन्द - श्री मोहनलाल वर्मा

दोहा छन्द - श्री मोहनलाल वर्मा

नखशिख सिंगार वर्णन

पावँय नारी के जनम,जेमन पुण्य कमाय।
दाई दीदी के सबो,सुग्घर नता निभाय ।।१।।

घटा सही चूँदी दिखय,घपटे करिया जान ।
छरिया देवय तब लगय,देवी चढ़े समान ।।२।।

नागिन कस बेनी दिखय,गजरा कर सिंगार ।
माँग लाल सेंदूर हे,टिकली लगे कपार ।।३।।

काजर आँखी आँज के,खिनवा पहिरय कान ।
नथनी फुल्ली नाक के,लेवत हवे परान।।४।।

खोपा मा हे मोंगरा,दौना पान लगाय ।
बुरी नजर नइ तो लगय,सुँदरी रूप कहाय ।।५।।

मुँहरंगी लग होंठ मा,भाग अपन सँहराय ।
तेलइ गोरी गाल के,चंदा देख लजाय ।।६।।

गर मा रुपिया ला पहिर,अउ नवलखिया हार ।
ऐंठी पहुँची हाथ मा,मुँदरी अँगरी डार ।।७।।

लगे हथेरी मेंहदी,सँहरावत हे भाग ।
दर्जन भर चूरी नरी,चिनहा हवय सुहाग ।।८।।

करधन कनिहा झूलके,करय गाँव भर शोर ।
टोंड़ा लच्छा गोड़ के,पैरी बाजय तोर ।।९।।

चाँदी बिछिया पाँव मा,माहुर हवे रचाय ।
पहिरय लुगरा पोलखा,इत्तर ले महकाय ।।१०।

रचनाकार - श्री मोहनलाल वर्मा
ग्राम -अल्दा, पोस्ट - तुलसी मानपुर,
तहसील - तिल्दा, जिला -रायपुर
छत्तीसगढ़

21 comments:

  1. बहुत सुंदर दोहा भईया जी आपने नारी के सृंगार का वर्णन बहुत ही सुंदर ढंग से किया है बधाई हो

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    1. उत्साहवर्धन बर आभार भैया जी

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    1. आप सबो के आशीर्वाद अउ मार्गदर्शन हे,दीदी।प्रणाम।

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  3. गुरुदेव ,प्रणाम।आपके आशीष अउ मार्गदर्शन ले लिखे
    "नख शिख सिंगार वर्णन "के दोहा ला छत्तीसगढ़ के अनमोल साहित्य कोठी छंद खजाना मा स्थान मिलिस।ये मोर बर परम सौभाग्य आय अउ मोर लिखना सार्थक होगे।

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  4. गुरुदेव ,प्रणाम।आपके आशीष अउ मार्गदर्शन ले लिखे
    "नख शिख सिंगार वर्णन "के दोहा ला छत्तीसगढ़ के अनमोल साहित्य कोठी छंद खजाना मा स्थान मिलिस।ये मोर बर परम सौभाग्य आय अउ मोर लिखना सार्थक होगे।

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  5. बहुत सुग्घर दोहा छंद मा रचना सर।सादर बधाई

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  6. बढ़िया मोहन भाई

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  7. बधाई मोहन जी सुग्घर दोहा बर।

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    1. आप सबो केआशीर्वाद अउ मार्गदर्शन हाबय गुरुदेव।

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  8. बहुत बहुत बधाई मोहन भैया।बड़ सुन्दर दोहावली।

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    1. प्रोत्साहन बर आभार भैया जी।

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  9. बहुत सुग्घर रचना सर।सादर बधाई

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  10. बहुत सुग्घर रचना सर।सादर बधाई

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  11. तै तो हमर छत्तीसगढ़िया बिहारी हरस भाई

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