Tuesday, February 27, 2018

दोहा छन्द - श्री अजय अमृतांशु

////   होली के दोहा   ////

ब्रज मा होरी हे चलत, गावत हे सब फाग।
कान्हा गावय झूम के,किसम-किसम के राग।।1।।

राधा डारय रंग ला,सखी सहेली संग।
कान्हा बाँचे नइ बचय, होगे हे सब दंग।।2।।

ढोल नगाड़ा हे बजत, पिचकारी में रंग।
राधा होरी में मगन, सखी सहेली संग।।3।।

गोकुल मा अब हे दिखत,चारो कोती लाल।
बरसत हावय रंग हा,भींगत हे सब ग्वाल।।4।।

लाल लाल परसा दिखय,आमा मउँरे डार।
पींयर सरसों हे खिले,सुग्घर खेती खार।।5।।

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तन ला रंगे तैं हवस,मन ला नइ रंगाय।
पक्का लगही रंग हा, जभे रंग मन जाय।। 6।।

छोड़व झगरा ला तुमन,गावव मिलके फाग।
आपस में जुरमिल रहव,खूब लगावव राग।।7।।

आँसों होरी मा सबो,धरव शांति के भेष।
मेल जोल जब बाढही,मिट जाही सब द्वेष।।8।।

कबरा कबरा मुँह दिखय,किसम किसम के गोठ।
मगन हावय सब भाँग मा,दूबर पातर रोठ।।9।।

मिर्ची भजिया देख के,जी अड़बड़ ललचाय।
छान छान के तेल मा, नवा बहुरिया लाय।।10।।

रचनाकार -श्री अजय अमृतांशु
भाटापारा, छत्तीसगढ़

35 comments:

  1. बहुत बढ़िया दोहा मजा आगे ।
    होली तिहार के गाड़ा गाड़ा बधाई अऊ शुभकामना

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  2. वाहःहः बहुते बढ़िया होली के दोहावली
    बहुत बहुत बधाई

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  3. वाह बहुत बढ़िया होली दोहा बधाई

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  4. वाह बहुत बढ़िया होली दोहा बधाई

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  5. बहुत बढ़िया दोहा हे गुरूजी....
    फागुन के सबो रंग ल दोहा म सँजो दे हव

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  6. रंगे होली के रंग मा, ले राधा के नाम।
    घर लागे गोकुल सही,मन वृन्दावन धाम।।

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  7. रंगे होली के रंग मा, ले राधा के नाम।
    घर लागे गोकुल सही,मन वृन्दावन धाम।।

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  9. बढिया दोहा हे अजय, बगरे हे सब - रंग
    तोर छंद ला देख के, दुनियाँ हावय - दंग।

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  10. दीदी प्रणाम
    सादर आभार

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  11. दीदी प्रणाम
    सादर आभार

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  12. वाह्ह्ह्ह् बहुँत सुग्घर दोहावली अजय जी। बधाई।

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    1. बहुत बहुत आभार सर जी

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    2. बहुत बहुत आभार सर जी

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  13. वाह अमृतांशु भाई बहुत सुन्दर दोहा

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  14. वाह्ह वाह अमृतांशु भइया अब्बड़ सुग्घर दोहा मा फागुन के मया भरे वर्णन भइया लाजावाब आनंद आगे

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  15. धन्यवाद मोहन भाई

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  16. धन्यवाद मोहन भाई

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  17. वाह्ह्ह्ह् गज़ब के दोहावली सर।सादर बधाई

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  18. वाह्ह्ह्ह् गज़ब के दोहावली सर।सादर बधाई

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  19. वाह्ह वाह्ह शानदार दोहावली "अमृतांशु"सर।

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  20. गजब सुग्घर दोहावली हे भैया। बधाई अउ शुभकामना।

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