Tuesday, April 10, 2018

आभार सवैया - श्रीमती आशा देशमुख

(1) विनत भाव - गुरु पौंरी मा

आभार मानौं गुरू आपके मैं दिये ज्ञान जोती अँधेरा मिटायेव ।
संसार के सार निस्सार जम्मो कते फूल काँटा सबो ला बतायेव।
रद्दा ल रोके जमाना तभो ले हवा शीत आँधी म दीया जलायेव।
माथा नवावौं गुरू पाँव मा मैं छुपे जोगनी ला चँदैनी बनायेव ।

(2) काली कमाई -

कारी कमाई करे जेन भारी करे हाँथ काला डुबावै घलो नाम।
चुप्पे हवे नाम हल्ला मचावै इहाँ लोभ के भीतरी मा करे काम।
कर्जा छुटावै नही ये कभू तोर चाहे लहू खून चाहे बिके चाम।
रोटी मिले दू चले जिंदगानी करो आसरा जी सबो के हवे राम।

(3) ममा भांचा

भाँचा ममा हा चढ़े एक डोंगा तभे बीच धारे ग डोंगा गये डूब।
तैहा कहानी बने आज सित्तो सियानी गियानी करे गोठ हे खूब।
पानी चढ़े मूड़ के ऊपरे मार धारी उलाचा तभो बाँचगे दूब।
किस्सा इही रोज होवै अभी तो कहे मा सुने मा ग भारी लगै ऊब ।

(4) होरी -

होरी घलो आ गए तीर संगी बजावौ नगाड़ा रचौ गीत गा फाग ।
गावौ सुनावौ मया मीठ बोली सनाये रहे जी बने छंद के राग ।
मेटौ मिटावौ सबो बैर के भाव हाँसी ख़ुशी चाशनी के रहे पाग।
खेलौ सबो संग रंगे गुलाले मया मान राखौ ग रिश्ता नता लाग।

(5) होली के आनन्द -

होली मनाये सबो आज ऐसे कभू ये ल कोनो भुलाये नही जाय।
पीये रहे छंद के भंग जम्मो मजा ला मया के बताये नही जाय।
छाये सनाये रँगे प्रेम जम्मो अऊ दूसरा रंग लगाये नही जाय।
हाँसी खुसी मान आनन्द ऐसे भरे आज झोली समाये नही जाय।

रचनाकार - श्रीमती आशा देशमुख
एन टी पी सी, कोरबा, छत्तीसगढ़

23 comments:

  1. वाह वाह ! बड़ सुग्घर रचना करे हव् दीदी।आभार सवैया मा गुरु के आभार हमर सब साधक मन के, मन के बात समाय हे।
    बधाई।

    ReplyDelete
  2. सुग्घर सवैया दीदी

    ReplyDelete
  3. सुग्घर सवैया दीदी

    ReplyDelete
  4. बहुत बढ़िया सवैया दीदी जी.... बहुत बहुत बधाई

    ReplyDelete
  5. बहुत बढ़िया सवैया दीदी जी.... बहुत बहुत बधाई

    ReplyDelete
  6. अलगअलग विषय सुग्घर आभार सवैया

    ReplyDelete
  7. बहुत बढ़िया दीदी।गढ़ाये भाव म,सुघ्घर सवैया

    ReplyDelete
  8. वाह वाह, बेहतरीन आभार सवैया। सादर बधाई दीदी।

    ReplyDelete
  9. आभार सवैया बर बहुत बहुत आभार हे आशा। बहुत बढिया लिखे हस।

    ReplyDelete
  10. बहुत बढ़िया आभार सवैया हे दीदी।।

    ReplyDelete
  11. बहुत बढ़िया आभार सवैया हे दीदी।।

    ReplyDelete
  12. वाह्ह् वाह्ह दीदी आपके लेखनी के का प्रसंशा करे जाय।
    लाजवाब।सादर नमन।

    ReplyDelete
  13. बहुत सुग्घर रचना दीदी।सादर बधाई

    ReplyDelete
  14. बहुत सुग्घर रचना दीदी।सादर बधाई

    ReplyDelete
  15. आभार सवैया के बड़ सुग्घर पाँच विषय मा पाँच रूप

    ReplyDelete
  16. आभार सवैया के बड़ सुग्घर पाँच विषय मा पाँच रूप

    ReplyDelete
  17. वाह वाह शानदार आभार सवैया।

    ReplyDelete
  18. वाह वाह शानदार आभार सवैया।

    ReplyDelete
  19. आभार सवैया के सुघ्घर रचना आशा देशमुख बहिनी बधाई हो

    ReplyDelete
  20. सबो भाई बहिनी मन ला सादर आभार

    ReplyDelete
  21. अड़बड़ सुग्घर कहेव

    ReplyDelete
  22. बहुत ही बढ़िया दीदी। बधाई हो

    ReplyDelete
  23. बहुत बढ़िया रचना दीदी जी बधाई हो ।

    ReplyDelete