Wednesday, April 18, 2018

दोहा - छंद कन्हैया साहू "अमित"

दामाखेड़ा धाम

1-माघी पुन्नी मा चलव, दामाखेड़ा धाम।
   दरशन ले साहेब के, बनथे बिगड़े काम।

2-धर्मदास सतगुरु धनी,धरम नगर दरबार।
    दामाखेड़ा धाम के, चारों खुँट जयकार।

3-उग्रनाम साहेब जी, लीन इहाँ अवतार।
   हाथ जोड़ हे बंदगी, सतगुरु बारम्बार।

4-उग्रनाम साहेब जी, होइन संत फकीर।
 धरम नगर मा आ बसे, ब्यालिस अंश कबीर।

5-प्रगटे हें तिथि दसरहा, श्री प्रकाशमुनि नाम।
    दरस चरन गुरु के मिलय, दामाखेड़ा धाम।

6-माघ पंचमी शुभ घड़ी,सादर चढ़य गुलाल।
   दसमी ले पुन्नी जिहाँ, लगय संत चौपाल।

7-माँस सबो हा एक हे, का छेरी का गाय।
   मार काट जे खात हे, मरत नरक मा जाय।

8- एक बरोबर जात हे, मनखे एक समान।
    सबले सुग्घर धर्म तैं, मानवता ला जान।

9-खइता माया मोह हा, नाम भजन हे सार।
   जनम मरन के फेर ले, सतगुरु करही पार।

10-सादर बिनती मैं करँव, सतगुरु नाम प्रकाश।
      बंदी छोंड़व मोर जी, उड़ँव उदित आकाश।

11-मिलथे मनखे अब कहाँ, कहाँ संत हे आज।
      दामाखेड़ा धाम मा, संगम सकल समाज।

रचनाकार -
श्री कन्हैया साहू"अमित"(शिक्षक)भाटापारा, छत्तीसगढ़

11 comments:

  1. वाहःहः अमित भाई
    बेहतरीन दोहावली के सृजन
    बहुत बहुत बधाई

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  2. वाह्ह वाह अमित भइया अब्बड़ सुग्घर दामाखेड़ा धाम के गजब सुग्घर बरनन भइया

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  3. साहेब बंदगी..... बहुत सुघ्घर भईया जी बधाई हो

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  4. साहेब बंदगी..... बहुत सुघ्घर भईया जी बधाई हो

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  5. बेहतरीन दोहा छंद रचना। बधाई। गुरु महिमा के वरणन हे सुघर।

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  6. बहुतेच सुघ्घर सर

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  7. बढिया दोहा हे अमित, गुरु के महिमा मान
    गुरु लाघव ला जान के, परमेश्वर पहिचान।

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  8. वाह जबरदस्त दोहावली अमित जी।
    बधाई

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  9. बेहतरीन दोहा सर

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  10. बेहतरीन दोहा सर

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  11. दामाखेड़ा धाम के सुग्घर चित्रण दोहा छंद मा करे हव भैया जी। बधाई।

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