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Saturday, September 19, 2026

चकोर सवैया छत्तीसगढ़ी में।

 चकोर सवैया 

छत्तीसगढ़ी में। 


तीज तिहार मनावत हे बहिनी मन हाँसत आइन मोर। 

ये अँगना सुख छाय हवै सखियाँ मिल होवत भाव विभोर। 

घात मया मइके बर हे भउजी मन बाँधत प्रीत सुडोर। 

रंग बिरंग फभै लुगरा झनकावत पैजन के अति शोर।। 


गोठ करौं कतका सुख के अँचरा भर बाँध रखे हँव प्रीत। 

मात पिता नइहे तबले कमती नइ होवय एक न रीत। 

प्रेम सहोदर के बड़ पावँव हासँव गावँव सुघ्घर गीत। 

मान करै भउजी भइया सुख छाँव सदा बगरावय मीत।। 


सुमित्रा शिशिर