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Tuesday, September 8, 2026

सार छन्द गीत

 विश्व आदिवासी दिवस के गाड़ा-गाड़ा बधाई जय सेवा🌹🙏🏻


सार छन्द गीत


मूल निवासी हम भारत के, जंगल के रखवाला।

लोग आदिवासी कहिथें जी, कहिथें भोला-भाला।


इष्ट देवता हमर प्रकृति हे, करथन एखर पूजा।

बुढ़ा देव ले बड़का देवा,नइ हे कोनों दूजा।

जय सेवा जय सेवा संगी, मिलके जपथन माला।

मूल निवासी हम भारत के, जंगल के रखवाला।।


रेला-पाटा करमा सरहुल, सुघ्घर नाचा-गाना।

गौर-माड़िया सैला गेंड़ी, सुख के हमर खजाना।।

बिरसा मुंडा के हम वंशज, झन परहू रे पाला।

मूल निवासी हम भारत के, जंगल के रखवाला।।


डी.पी.लहरे'मौज'

कवर्धा छत्तीसगढ़