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Sunday, August 9, 2026

विष्णु पद छंद गीत- *गुरु महिमा*

 विष्णु पद छंद गीत- *गुरु महिमा*


माथ नवावँव गुरु चरनन मा, शत-शत वंदन हे।

गुरु के ज्ञान सरोवर जइसे, शीतल चंदन हे।।


गुरु ही सत के राह दिखाथे, उँगरी ला धरके।

मन मा निरमल ज्ञान बहाथे, झरना कस झरके।।

गुरु के तप आगी मा तपके, चमके कुंदन हे।

माथ नवावँव गुरु चरनन मा, शत-शत वंदन हे।।


भव सागर ले पार लगइया, बन पतवार खड़े।

ज़िनगी मा गुरु ज्ञान कवच बन, हे रखवार बड़े।।

मानवता के भाव धरे गुरु, बन सुखनंदन हे।

माथ नवावँव गुरु चरनन मा, शत-शत वंदन हे।।


अगम अगोचर गुरु के महिमा, संत सुजान कहे।

पा के गुरु के सत संगत ला, लोभ घमंड ढहे।।

सत्यबोध कर जोर करे नित, गुरु अभिनंदन हे।

माथ नवावँव गुरु चरनन मा, शत-शत वंदन हे।।


✍🏻इंजी. गजानंद पात्रे "सत्यबोध"

बिलासपुर (छत्तीसगढ़)22/07/2026