बता भला-सार छंद
आन भरोसा तेल गैस सिम, तकनीकी अउ टावर।
बता भला अइसन मा कइसे, देखाबों हम पावर।।
पर के देख दिखावा मा ये, चलत हवय जिनगानी।
आँय बाँय सब बुता काम हे, चुप हें दादी नानी।।
नरी सुखावत हवय प्यास मा, हवय पखाना सावर।
बता भला अइसन मा कइसे, देखाबों हम पावर।।
काके करन गुमान भला अब, नइहें खेती बाड़ी।
बेंच भांज के घर दुवार ला, लेवत हावन गाड़ी।।
कटगे निमुवा बर पीपर सँग, चंदन चीड़ चितावर।
बता भला अइसन मा कइसे, देखाबों हम पावर।।
चूल्हा चाकी लकड़ी नइहें, कइसे जेवन पकही।
टूरा मन जकहा बन घूमँय, टूरी मन बन जकही।।
नेकी धरमी ज्ञानी नइहें, ना नेता कद्दावर।
बता भला अइसन मा कइसे, देखाबों हम पावर।।
जगन्नाथ ए अपन हाथ हा, महिनत पुरथे खुद के।
स्वारथ के सब रिस्ता नाता, चार पहर बस फुदके।।
लत परवादिस फोकट मा दे, अब माँगें न्यौछावर।
बता भला अइसन मा कइसे, देखाबों हम पावर।।
जीतेन्द्र वर्मा"खैरझिटिया"
बाल्को, कोरबा(छग)
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