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Wednesday, April 1, 2026

पावन हवय ये देश हा ============= हरि गीतिका छंद

 पावन हवय ये देश हा 

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हरि गीतिका छंद 


पावन हवय ये देश हा, श्री राम के जनमन इहाँ।

लेवत सुबेरे नाम ला, मनखे सबो तरथन इहाँ।

वोखर ममा के गाँव हे,अउ कौसला जी नाम हे।

भाँचा हवै हमरो नता, छत्तीसगढ़ हा धाम हे।।


ये भूमि हे भगवान के,कण कण बसे प्रभु राम हे।

जीवन मरन सुख दुख सबो,अब वोखरे ही काम हे।।

तारण उही मारन उही,जम्मो जगत आधार हे।

वोखर बिना जिनगी नही,जीना घलो बेकार हे।


माया रचे वोखर सबो, धरती सरग आकाश मा।

पानी पवन आगी सबो,हे सृष्टि के हर श्वांस मा।

पत्ता घलो हिलय नहीं, प्रभु के बिना संसार मा।

जब-जब बुलाये भक्त,तब-तब दउँड़ आथे प्यार मा।।

कमलेश प्रसाद शर्माबाबू कटंगी-गंडई जिला केसीजी

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