*सरसी छंद-पहुना बेटी*
सातो भाँवर सात वचन अउ,चुटकी भर सिंदूर।
बेटी हर पहुना बन जाथे,दुनिया के दस्तूर।।
छूट जथे सग भाई बहिनी, गाँव सखी परिवार,
खेल खिलौना संग सहेली,मंदिर तरिया पार,
गोद ददा दाई के छूटे,समय बने बड़ क्रूर।।
बेटी हर पहुना बन जाथे,दुनिया के दस्तूर...
हाय विधाता अजब बनाए, तैंहर जग के रीत,
पर के बेटी पर के बेटा, जोड़ दिये बड़ प्रीत,
पर के कुँदरा बने बसेरा, एखर काय कसूर।।
बेटी हर पहुना बन जाथे,दुनिया के दस्तूर....
आँसू मा भींगे अँखियाँ हर,मन मा खुशी अपार,
नवाँ नता माँ बाप पिया घर,एक नवाँ संसार,
फूल मिलय चाहे काँटा सब,नोनी ला मंजूर।।
बेटी हर पहुना बन जाथे,दुनिया के दस्तूर.......
🙏🙏🙏🙏
नारायण प्रसाद वर्मा *चंदन*
ढ़ाबा-भिंभौरी, बेमेतरा छ.ग.
7354958844
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