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Tuesday, April 21, 2026

स्थापना दिवस

 स्थापना दिवस


छंद के तो साधना मा, बीते हे ये दस साल,

सबो के तो मीत सदा, मिले संग-संग हे।

"छंद के छ" छाया मा जी, ज्ञान के अलख जगे,

मन मा रचे हे गाढ़ा, गुरु कृपा रंग हे।।

भाव के हे सेतु बंधे, छंद रस नित बहे, 

हर शनि रविवार, मंच मा उमंग हे।

अक्षय तृतीया आज, सधही जी शुभ काज,

साधक पुराना नवा, छंद मा मतंग हे।।


दशक पड़ाव पार, लाये हे खुशी अपार,

"छंद के छ" सुमन ले तो, सजे परिवार हे।

भाषा के सेवा मा लगे, छंद परिवार सदा,

व्याकरण लय-ताल, लेखन आधार हे।।

कोना-कोना महके हे, सोन चिड़ी चहके हे,

छंद के प्रकाश ले तो, मिटे अंधकार हे।

छंद कारवां हा बढ़े, नव इतिहास गढ़े,

सत्यबोध छत्तीसगढ़, गूॅंजे जयकार हे।।


✍🏻 इंजी. गजानंद पात्रे "सत्यबोध"

बिलासपुर (छत्तीसगढ़) 19/04/2026

साधक - सत्र-2

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