बरवै छंद
आये हे नवराती ,दीया बार।
पारँव तोर दुवारी ,मँय गोहार। 1।
दुख पीरा ला हरदे ,दाई मोर।
बइठे हँव मँय दाई ,शरण म तोर।2।
दे दे दाई मोला ,अँचरा छाँव।
तोर नेवता पाके ,दँउड़त आँव।3।
तिहीं रचाये दाई ,ये संसार।
तोर मया बोहावय ,अमरित धार।4।
तँय दाई हम लइका ,आवँन तोर।
तोर दया के सागर ,करय हिलोर।5।
तोर कृपा से जागय ,सबके भाग।
कोंदा ला भी मिलथे ,वाणी राग।6।
कइसे तोरे महिमा ,करँव बखान।
सर्व शक्ति तँय दाई ,दे वरदान। 7।
छन्दकार - आशा देशमुख,
एन टी पी सी कोरबा
आये हे नवराती ,दीया बार।
पारँव तोर दुवारी ,मँय गोहार। 1।
दुख पीरा ला हरदे ,दाई मोर।
बइठे हँव मँय दाई ,शरण म तोर।2।
दे दे दाई मोला ,अँचरा छाँव।
तोर नेवता पाके ,दँउड़त आँव।3।
तिहीं रचाये दाई ,ये संसार।
तोर मया बोहावय ,अमरित धार।4।
तँय दाई हम लइका ,आवँन तोर।
तोर दया के सागर ,करय हिलोर।5।
तोर कृपा से जागय ,सबके भाग।
कोंदा ला भी मिलथे ,वाणी राग।6।
कइसे तोरे महिमा ,करँव बखान।
सर्व शक्ति तँय दाई ,दे वरदान। 7।
छन्दकार - आशा देशमुख,
एन टी पी सी कोरबा