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Thursday, July 9, 2026

विषय-- आवव अइसन गीत लिखन

 गीत 

मात्रा--16--14

विषय-- आवव अइसन गीत लिखन 


मन मानस के द्वार खोल दे,

आवव अइसन गीत लिखन।

जेला सुनके हिरदे झूमय, 

दया मया संगीत लिखन। ।


जिनगी मा संघर्ष भरे अब,

कइसे अजब जमाना हे ।

आज इहाँ अउ काली ऊँहाँ,

ककरो नहीं ठिकाना हे।।

उरभट रद्दा पाट-पाट के, 

ये भुइँया बर प्रीत लिखन। 

मन मानस के द्वार खोल दे। 

आवव अइसन गीत लिखन। ।


भेद-भाव मा भरगे दुनिया, 

बिन सुर राग अलापत हे।

अपने धुन मा मस्त हवय सब,

देखत बड़ा बियापत हे। ।

रहय धरोहर हिरदे भीतर, 

हर मनखे मन मीत लिखन। 

मन मानस के द्वार खोल दे, 

आवव अइसन गीत लिखन। ।


मनखे-मनखे एक बरोबर, 

संदेश हवय भुइँया के। 

दया धरम अउ मीत मितानी,

पहिचान हवय गुइँया के। ।

पबरित होवय सबके अंतस, 

ज्ञान भरे सब रीत लिखन। 

मन मानस के द्वार खोल दे, 

आवव अइसन गीत लिखन। 


सुमित्रा शिशिर

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