Monday, August 21, 2017

अरुण कुमार निगम के दोहा छन्द

अरुण कुमार निगम के दोहा छन्द -

दोहा छन्द के विधान 

डाँड़ (पद) - २, ,चरन - ४

तुकांत के नियम - दू-दू डाँड़ के आखिर मा माने सम-सम चरन मा, बड़कू,नान्हें (२,१)

हर डाँड़ मा कुल मातरा – २४ , बिसम चरन मा मातरा – १३, सम चरन मा मातरा- ११

यति / बाधा – १३, ११ मातरा मा

खास- बिसम चरन के सुरु मा जगन मनाही.

बिसम चरन  के आखिर मा सगन, रगन या नगन या नान्हें,बड़कू(१,२)

सम चरन  के आखिर मा बड़कू,नान्हें (२,१)

बड़कू अउ नान्हें मातरा के गिनती के हिसाब से दोहा के २३ किसम होथे.

देसी-बिदेसी 

मँय  बासी हौं भात के, तँय मैदा के पाव
मँय  गुनकारी हौं तभो, तोला मिलथे भाव |

मँय  सेवैया-खीर हौं, तँय नूडल- चउमीन
मँय  बनथौं परसाद रे, तोला खावैं  छीन |

मँय  चीला देहात के, मँय  भर देथौं  पेट
तँय  तो खाली चाखना, अंडा के अमलेट |

मँय  अंगाकर मस्त हौं, तँय पिज्जा अनमोल
अंदर बाहिर एक मँय , तँय पहिरे हस खोल |


स्वच्छ भारत अभियान 

सहर  गाँव मैदान – ला, चमचम  ले  चमकाव
गाँधी जी के सीख – ला , भइया  सब अपनाव ||

लख-लख ले अँगना दिखै, चम-चम तीर-तखार
धरौ   खराटा   बाहरी,  आवौ    झारा  -   झार ||

भारत भर - मा चलत हवै , सफई के अभियान
जुरमिल करबो साफ हम , गली  खोर खलिहान ||

आफिस  रद्दा  कोलकी  ,  घर  दुकान  मैदान
रहैं साफ़ – सुथरा सदा, सफल होय अभियान ||

साफ - सफाई   धरम  हे , एमा  कइसन  लाज
रहै  देस - मा स्वच्छता, सुग्घर स्वस्थ समाज ||

अरुण कुमार निगम
आदित्य नगर, दुर्ग (छत्तीसगढ़)

26 comments:

  1. बहुँत बढ़िया गुरुदेव

    ReplyDelete
  2. बहुत बढ़िया दोहा गुरुदेव

    ReplyDelete
  3. बहुत बढ़िया दोहा गुरुदेव

    ReplyDelete
  4. उम्दा दोहा गुरुदेव

    ReplyDelete
  5. बहुत सुंदर दोहा गुरुदेव।।

    ReplyDelete
  6. बहुत सुंदर दोहा गुरुदेव।।

    ReplyDelete
  7. बिकट बढ़िया दोहा गुरुददा

    ReplyDelete
  8. लाजवाब दोहावली छंद के सृजन गुरुदेव।सादर प्रणाम

    ReplyDelete
  9. लाजवाब दोहावली छंद के सृजन गुरुदेव।सादर प्रणाम

    ReplyDelete
  10. लाजवाब दोहा छंद गुरुदेव

    ReplyDelete
  11. लाजवाब दोहा छंद गुरुदेव

    ReplyDelete
  12. बड़ सुग्घर अनुकरनीय विचारनीय दोहालरी गुरुदेव।
    ।।सादर पयलगी।।

    ReplyDelete
  13. ये तो हमर मन बर अनमोल रतन हरे गुरूजी
    अउ रत्न के पारखी हव आप ये रतन के चमक दुनियाँ भर में बगरे गुरूजी
    हमर मन के यही कामना है।

    ReplyDelete
  14. हमर बासी चीला सेवई अँगाकर के महत्तम ल सुग्घर बताय हव गुरुदेव । नवा पीढ़ी ल एल बताना जरूरी हवय । स्वच्छता अभियान के सुग्घर सन्देश दोहा के माध्यम ले ।

    ReplyDelete
  15. हमर बासी चीला सेवई अँगाकर के महत्तम ल सुग्घर बताय हव गुरुदेव । नवा पीढ़ी ल एल बताना जरूरी हवय । स्वच्छता अभियान के सुग्घर सन्देश दोहा के माध्यम ले ।

    ReplyDelete
  16. जबरदस्त दोहा।

    ReplyDelete
  17. गुरुदेव के लेखनी
    भाव विभोर कर देथे।
    अद्वितीय दोहा सृजन।

    ReplyDelete
  18. बहुत सुग्घर दोहावली हे,गुरुदेव

    ReplyDelete
  19. सुघ्घर दोहा के सृजन बर बधाई।����������

    ReplyDelete
  20. सुघ्घर दोहा के सृजन बर बधाई।����������

    ReplyDelete
  21. बहुतेच सुग्घर दोहा गुरुदेव

    ReplyDelete
  22. वाह्ह्ह्ह्ह् गुरुदेव एक से बढ़के एक दोहा सुग्घर संदेश
    लेखनी ला सादर प्रणाम

    ReplyDelete
  23. शानदार दोहावली गुरुदेव

    ReplyDelete
  24. बहुत सुंदर दोहा छन्द गुरु

    ReplyDelete
  25. दोहा छन्द विधान के सुग्घर जानकारी गुरुदेव

    ReplyDelete