Monday, February 19, 2018

चौपई छंद - श्रीमती आशा देशमुख

छंद के महिमा - 

आवव जानव छंद विधान , 
ये हावय साहित के जान | 
दोहा रहे धीर गंभीर , 
छोट बात भी मारे तीर | 

रोला के होवय पद चार , 
जेखर महिमा हवे अपार | 
आठ चरण के खांचा खास 
भाव विषय सब रहिथे पास | 

उल्लाला के तीन प्रकार 
दोहा के हावय ये यार | 
कभू ऐठथे एहर मूँछ 
कभू हिलावत रहिथे पूँछ | 

कुण्डलिया ला का बतलांव 
नाम सुनत ही आथे झाँव | 
जइसे मेर्री मारे साँप | 
देखत पोटा जाथे काँप | 

वाह वाह रे आल्हा वाह , 
सबके मन मा भरे उछाह | 
राई ला ये करे पहाड़ 
सुई देत हे पेड़ उखाड़ | 

सरसी सरस बनावय गीत 
आल्हा दोहा के हे मीत | 
पढ़ लिख के राखव संस्कार 
साहित हावय सबले सार | 

जइसे सुघ्घर लगे मयंक 
वइसे ही लागय ताटंक | 
नाम भले ही लगय कठोर 
पर बोली हा करय विभोर |

शंकर विष्णु छंद जे गाय 
साहित सागर में तर जाय | 
लीला इंखर अपरम्पार 
नाम करम गुन सब हे सार |

रोला उल्लाला के हे साथ 
छप्पय गढ़व नवावव माथ | 
कुण्डलिया के भाई लाग 
जइसे पाय बराबर भाग | 

लागय अपन नाम कस बोल 
अमृतध्वनि हवय अनमोल | 
एखर रचना नइहे खेल 
निकले बड़े बड़े के तेल |

शोभन मदन अबड़ भरमाय 
लागय जइसे जुड़वा आय | 
दूनो के एक्के हे चाल 
जइसे पवन चले मतवाल | 

रचनाकार - श्रीमती आशा देशमुख
एन टी पी सी , जमनीपाली, कोरबा
छत्तीसगढ़

13 comments:

  1. छ्न्द के अति सुंदर वर्णन दीदी

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  2. छ्न्द के अति सुंदर वर्णन दीदी

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  3. अद्भुत वर्णन दीदी,

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  4. अद्भुत अनुपम सृजन दीदी वाह्ह्ह्ह्ह्ह।

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  5. छंद राग के गरिमा जान, आशा बहिनी के सुर गान
    मन मति के महिमा ला मान,मनखे बनथे तभे महान।

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  6. बहुत सुंदर चौपई दीदी

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  7. बहुत सुंदर चौपई दीदी

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  8. जम्मो छंद के बड़ सुग्घर दीदी

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  9. छंद के महिमा चौपई म करेहव आशा बहिनी बहुत सुघ्घर

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  10. लाजवाब सृजन हावय आशा बहिनी जी।हार्दिक बधाई।

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  11. उत्कृष्ठ रचना दीदी।सादर बधाई

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  12. उत्कृष्ठ रचना दीदी।सादर बधाई

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  13. छंद महिमा के बखान करत सुग्घर चौपई छंद दीदी। बधाई अउ शुभकामना।

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