सरसी छंद गीत- धजा तिरंगा लिपटे आये
धजा तिरंगा लिपटे आये, जब -जब वीर जवान।
झर-झर नीर बहावय नैना, दिये करेजा चान।।
माता के तब ममता सुसकय, पिता नसीब ठठाय।
घर के नारी कलपत रोवय, सुख सिंदूर मिटाय।।
भाई के हिरदे मा चलगे, बिधुना के तो बान।
धजा तिरंगा लिपटे आये, जब -जब वीर जवान।।
बेटा बेटी रोवत बोलय, जाग न पापा आज।
बहिनी बोलय कोंन निभाही, राखी के तो लाज।।
सँग साथी पारा मोहल्ला, होगे आज बिरान।
धजा तिरंगा लिपटे आये, जब -जब वीर जवान।।
गये रहे सीमा मा तँय तो, लड़हूँ कहिके जंग।
तोर बिना होली दीवाली, लागत हे बेरंग।।
देश सुरक्षा खातिर ललना, होगे तँय कुर्बान।
धजा तिरंगा लिपटे आये, तँय तो वीर जवान।।
✍🏻इंजी. गजानंद पात्रे "सत्यबोध"
बिलासपुर (छत्तीसगढ़) 15/08/2023
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