*मनहरण घनाक्षरी*
*राखी के तिहार आगे,*
*हिरदे उमंग छागे*
*मेंहदी लगाहूँ बने*
*बाली झूले कान के*
*मया डोर बाँध लेहूँ*
*रोटी पीठा राँध लेहूँ*
*मइके के डेहरी मा*
*कोठी हवै मान के*
*हँसी खुशी मन भरे*
*गठरी मया के धरे*
*भैया घर जाहूँ मैं तो*
*मान पाहूँ जान के*
*भेंट होही भाई संग*
*गोठ बात रंग रंग*
*बीते दिन सुरता ला*
*हाँस लेबो लान के*
*सुमित्रा शिशिर*
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