*मनहरण घनाक्षरी*
ज्ञान दीया रोज बरै, शिक्षक अज्ञान हरै,
शिक्षा के सम्मान सबो,
नोनी बाबू हा करौ।
ज्ञान जोत परंपरा, हिरदे ला करे हरा,
शिक्षा पाय खातिर मा,
गुरु नाम ला धरौ।।
ज्ञान हवै वरदान, शिक्षा देथे पहिचान,
शिक्षा ले मनखे जागे,
अँधियारी ला हरौ।
ज्ञान हे प्रकाशवान, शिशिर बने महान ,
शिक्षा महतारी बर,
अंतस अमृत भरौ।।
सुमित्रा शिशिर
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