छत्तीसगढ़ी मा छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कवि अउ छंद के छ के साधक मन के छन्दबद्ध रचना के संग्रह
कमरछठ
माता गौरी कर कृपा, सबो रहँय खुशहाल।
सबके अमर सुहाग हो, जुग-जुग जीयय लाल।।
जुग-जुग जीयय लाल, मया के रुखवा बाढ़य।
छलकै कोठी धान, घरो घर सुनता माढ़य।।
सबो बिपत ला टार, सुखी जग रखबे दाता।
करथें भक्त पुकार, कृपा तैं करबे माता ।।
डॉ. दीक्षा चौबे
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