बाढ़त बिजली बिल-(16-12)
टेंशन हे बड़ टेंशन हे रे, बाढ़त बिजली बिल के।
नेता अधिकारी बैपारी, लूटत हावैं मिल के।।
वाट वाट कहि वाट लगावै, रुपिया वसुलै भारी।
छोट वाट के लट्टू पंखा, मीटर के मति हारी।।
बता बजावत रहिबों ताली, अउ केदिन मुँह सिल के।
टेंशन हे बड़ टेंशन हे रे, बाढ़त बिजली बिल के।।
बरत बगाबग एक ठिहा हे, एक ठिहा अँधियारी।
सरकारी बिल सर जावत हे, सिस्टम जस गंधारी।।
पाले हमर कोइला पानी, आन लेग के ढिल के।
टेंशन हे बड़ टेंशन हे रे, बाढ़त बिजली बिल के।
सोलर सिस्टम लेवव कहिके, चलत हवै मनमानी।
हाँसत हावय हिही हिही बड़ , घर मा बइठ अडानी।।
बँटे रेवड़ी आनी बानी, हमर चाम ला छिल के।
टेंशन हे बड़ टेंशन हे रे, बाढ़त बिजली बिल के।।
जीतेन्द्र वर्मा"खैरझिटिया"
बाल्को कोरबा(छग)
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